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Showing posts from December, 2020

एक अरसा ..

एक अरसा हो चला उस बात को फिर भी कुछ खाली सा लगता है अब तो सब कुछ है मेरे पास फिर भी कुछ अधूरा सा लगता है उस वक्त से हम जीतने दूर हो रहे अपनी ज़िंदगी में मशगूल हो रहे फिर भी अब कुछ वक्त से हर दिन का वो कार्य चक्र भी अब हमें कुछ सुना सा लगता है लाखों कोषिसो के बाद भी उसी मोड़ पर हम ठेहरे है अब तो एक अरसा हो चला उन यादों को फिर भी हम उनमें ही उलझे है कल को वो हमें जहां छोर गये थे  अब भी हम वहीं पर ठेहरे है एक अरसा हो चला उन बातों को फिर भी हम कुछ खोये से रहते है हर दिन एक भाग दौड़ में अब भी कई अनजान मिलते है उनमें भी हम उन्ही को ढूंढ़ते हैं एक अरसा हो चला उन यादों को फिर भी कुछ अधूरा सा लगता है ।